Sunday, September 17, 2017

सबसे बड़ा सवाल क्या यह सरकार हिंदुयों की है?

किसी ने ये तथ्य FACEBOOK PAR POST KIYA  है। इसमें कितनी सच्चाई है, ये मुझे पता नहीं है। आपलोग स्वयं तथ्यों की सच्चाई का पता लगा कर विचार करें!
BJP का असली सच...
B - ब्राह्मण
J - जनता
P - पार्टी
आपको भी शर्म आ जाये, ना शर्म आए तो समझो आप एक जाति के गुलाम हो चुके हो।
1 मोहन भागवत (ब्राह्मण) - आरएसएस प्रमुख
2 नितिन गडकरी (ब्राह्मण) - पर्यटन मंत्री
3 सुषमा स्वराज (ब्राह्मण) - विदेश मंत्री
4 अरुण जेटली (ब्राह्मण) - वित्त मंत्री
5 प्रकाश जावडेकर (ब्राह्मण) - शिक्षा मंत्री
6 रविशंकर प्रसाद (ब्रहाण) - सुचना मंत्री
7 सुरेश प्रभु (ब्राह्मण) - रेलमंत्री
8 स्मृति ईरानी (ब्राह्मण) - कपड़ा मंत्री
9 मनोहर पर्रिकर (ब्राह्मण) - रक्षा मंत्री
10 कलराज मिश्र (ब्राह्मण) - मंत्री भारत सरकार
11 मनोज तिवारी (ब्राह्मण) - प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली
12 सुधांशु त्रिवेदी (ब्राह्मण) - राष्ट्रीय प्रवक्ता
13 संबित पात्रा (ब्राह्मण) - राष्ट्रीय प्रवक्ता
14 श्रीकांत शर्मा (ब्राह्मण) - राष्ट्रीय प्रवक्ता
15 किशोर उपाध्याय (ब्राह्मण) - राष्ट्रीय प्रवक्ता
16 रघुवर दास (ब्राह्मण) - झारखंड सीएम
17 देवेन्द्र फड़नवीस (ब्राह्मण) - महाराष्ट्र
18 किरण रिज्जू (ब्राह्मण) - राज्य मंत्री
19 नृपेन्द्र मिश्र (ब्राह्मण) - मुख्य सचिव पीएम
20 मुकुल रोहतगी (ब्राह्मण ) - अटार्नी जनरल
21 मेनका गाँधी (ब्राह्मण) - राज्य मंत्री
22 डाॅ महेश शर्मा (ब्राह्मण) - राज्य मंत्री
23 बाबुल सुप्रियो (ब्राह्मण) - राज्य मंत्री
24 विपिन रावत (ब्राह्मण) - थल सेना प्रमुख
अब देश के ब्राह्मण के घर जब बच्चा पैदा होगा तो डाक्टर कहेगा ''बधाई हो कैबिनेट मंत्री हुआ है''
देश मे से चुने गए 44 जजो में 34 "ब्राह्मण" है। ओर भारतीय मीडिया का तो कहना ही क्या, ये तो स्पष्टरुप से ब्राह्मणवादी है क्योंकि इसमें 80% "ब्राह्मण" ही भरे पडे है।
केंद्र की BJP(ब्राह्मण जनता पार्टी) सरकार द्वारा दिये गये पद्म-भूषण, पद्म-विभूषण ओर भारत रत्न सम्मान - 2016 -17
1.रजत शर्मा (ब्राह्मण)
2.अनुपम खेर (ब्राह्मण)
3.उदित नारायण (ब्राह्मण)
4. सुधीन्दर मेमन (ब्राह्मण)
5. श्री रविशंकर प्रसाद (ब्रहाण)
6. यामिनी कृष्ण मूर्ति (ब्राह्मण)
7. अविनीश दिक्षित (ब्राह्मण)
8. विश्वनाथन शांता (ब्राह्मण)
9. अश्विनी तिवारी (ब्राह्मण)
10. Bhikhudan GadhvSupakar(ब्राह्मण)
11. Prathibha Prahlad (ब्राह्मण)
13. Tulsidas Borkar (ब्राह्मण)
14. Soma Ghosh (ब्राह्मण)
15. Nila Madhab Panda (ब्राह्मण)
16. S.S. Rajamouli (ब्राह्मण)
17. Madhur Bhandarkar (ब्राह्मण)
यक्ष प्रश्न ???
क्या देश में अब ब्राह्मण ही बचे हैं, जो सम्मान के योग्य हैं !!! ब्राह्मण की आबादी भारत मे 3% है, मगर इन्होने 97% गैरब्राह्मण को अपना मानसिक गुलाम बनाकर रखा है।
अब की बार "सबका साथ सिर्फ ब्राह्मण का विकास" वाली सरकार।

Wednesday, August 23, 2017

देश बचाने के लिए एकजुट होने की जरुरत:कन्हैया

देश बचाने के लिए एकजुट होने की जरुरत:कन्हैया




कोलकाता, 23 अगस्त  
जेएनयु नेता कन्हैया कुमार ने आज प्रधानमंत्री की ओर से मन की बात करने से लेकर देश में एक समुदाय के खिलाफ दुष्प्रचार करके देश की एकता और अखंडता को भंग करने के साथ ही पश्चिम बंगाल में बाढ़ के मुद्दे पर केंद्र और उनके सहयोगी दलों की चुप्पी, सैनिकों की ओर से की जा रही आत्महत्या समेत अनेक मुद्दों को उठाते हुए कहा कि लोगों का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाने के लिए तरह-तरह की बातें की जा रही हैं, लेकिन लोगों को चाहिए कि अगर देश को बचाना है तो वे एकजुट हो जाएं। आल इंडिया यूथ फेडरेशन (एआइवाइएफ) और आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआइइएसएफ) की ओर से देश व्यापी 60 दिवसीय लांग मार्च के दौरान उत्तर चौबीस जिले के डनलप में भगत सिंह चौक पर उनका भव्य स्वागत किया गया। करीब तय समय से ढाई घंटे देरी से पहुंचे छात्र नेता को सुनने के लिए भारी संख्या में सुबहसे ही लोग मौजूद थे। लोगों की इतनी भीड़ थी कि श्यामबाजार से लेकर बैरकपुर तक ट्रैफिक सेवा अस्त-व्यस्त हो गई। 
उन्होंने विरोधियों से कहा कि मेरा मुंह काला करने या विरोध करने की स्वतंत्रता इसलिए है कि देश में लोकतंत्र कायम है, लेकिन इससे लोगों का ध्यान भटकाने की कवायद ठीक नहीं है। देश में गरीबी, भूखमरी,बेरोजगारी, आतंकवाद समेत कई समस्याएं हैं। भाजपा नेता एक लड़की को छेड़ता है, दो समुदाय के लोगों का मेलमिलाप देख कर ऐसे लोगों को दिक्कत होती है क्योंकि उनकी राजनीति जमती नहीं है। बंगाल में धर्म के नाम पर लोगों में फूट डाली जा रही है, जबकि बांग्लादेश नामक देश का गठन धर्म के आधार पर नहीं भाषा के आधार पर हुआ था। कम्युनिस्टों के शासन में किसानों पर गोली चलने की घटना को गलत मानते हुए कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था, इसके लिए हम माफी मांगते हैं। लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार ए क समुदाय के लोगों को निशाना बना रही है। एक समुदाय को डराया, धमकाया जा रहा है। लोगों को सवाल पूछने चाहिए, लड़ना चाहिए। ऐसा करने पर कई तरह से परेशान किया जा सकता है, लेकिन इसके घबड़ाने की बजाए एकजुट होने की जरुरत है। 
उन्होंने कहा कि कोलकाता में एक पत्रकार ने पूछा कि आप तृणमूल कांग्रेस के विरोध में क्यों नहीं बोलते? मैने उनसे सवाल किया कि क्या वजह है कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बोला जाए? उनका कहना था कि बंगाल में मार्क्सवादियों के साथ तृणमूल का विरोध है,इसलिए माकपा को बचाने के लिए तृणमूल का विरोध करना चाहिए। ऐसे लोगों से मेरा कहना है कि मैं मार्च के जरिए माकपा को बचाने के लिए नहीं, देश बचानेके लिए निकला हूं। माकपा का आजादी के आंदोलन में अपना इतिहास रहा है, देश में अगर जमहूरियत कायम रहेगी, राजनीतिक दल भी बचे रहेंगे। 
उन्होंने कहा कि देश से प्यार करने का मतलब देश के लोगों से प्यार करना है। लेकिन जब देश में दलित, अल्पसंख्यक, हिंदू असुरक्षित हैं, लोगों में भेदभाव कायम है किसे देश प्रेम कहा जा सकता है। बंगाल में लाखों लोग बाढ़ की चपेट में हैं, लेकिन वहां के हिंदुओं की दशा न तो केंद्र सरकार न उनके चाहने वालों को दिख रही है। प्रधानमंत्री मन की बात करते हैं,लेकिन मैं जन की बात करता हूं। 
उन्होंने कहा कि बंगाल पुनर्जागरण की धरती रही है, यहां से आवाज उठनी चाहिए कि बंगाल का एक बंटवारा हो चुका है और दोबारा हम बंटवारा होने नहीं देंगे। गरीबी,महंगाई, भूखमरी, सांप्रदायिकता से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश को कामयाब नहीं होने दें। तीन तलाक पर अदालत के फैसले से खुश होने वालों को अब अदालत पर भरोसा करना सीख लेना चाहिए। दूसरे मुद्दों को भी अदालत पर छोड़ दें। 

Friday, July 28, 2017

जेल में मोबाइल फोन बरामद होने से सुरक्षा पर सवालिया निशान






कोलकाता, 
 कोलकाता के अलीपुर सेंट्रल जेल प्रबंधन ने पांच दिनों तक जेल में तलाशी अभियान चलाकर 57 मोबाइल फोन और 1.5 किलो गांजा बरामद किया है। इस तलाशी अभियान के दौरान जेल का ऐसा कोई वार्ड नहीं था जहां से मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ हो। इतनी भारी संख्या में मोबाइल की बरामदगी ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। हालांकि यह अभियान जेल अधीक्षक सौमिक सरकार, जेलर श्यामल तालुकदार, डिप्टी जेलर सोमनाथ भषचार्जी, हेड वार्डन पंकज रॉय और सुधांशु मुखर्जी के नेतृत्व में चलाया गया है। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भूतल पर स्थित वार्ड संख्या 9 से 12 मोबाइल फोन, पहले तल्ले पर 7 नंबर वार्ड से 22 मोबाइल फोन और एक किलो गांजा, इसी तल्ले पर वार्ड नंबर एक से 12 मोबाइल एवं पांच नंबर वार्ड से 9 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।  इसके अलावा एक पेड़ पर सूते से दो मोबाइल फोन बांधकर रखे गये थे। उल्लेखनीय है कि जेल के एक-एक वार्ड में कई कैदियों को रखा जाता है। यहां का 7 नंबर वार्ड सबसे बड़ा है जहां 130 विचाराधीन कैदियों को रखा गया है। इसके अलावा 9 नंबर वार्ड में 122 तथा पहले तल्ले पर एक नंबर वार्ड में 60 विचाराधीन कैदियों को रखा गया है। जेल सूत्रों से बताया गया है कि प्रत्येक वार्ड में करीब 80 से 100 कैदियों को रखा जाता है। ऐसे में यहां इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद होने से जेल प्रबंधन के माथे पर बल पड़ गया है।  जेल से भारी संख्या में मोबाइल फोन बरामदगी की सफलता जेल प्रबंधन को एक महिला के जरिए मिली है। बताया गया है कि पांच दिनों पहले जेल के बाहर एक महिला फोन पर बात कर रही थी। उस समय ड्यूटी पर सुशील सिंह नाम के एक हेड वार्डन ड्यूटी कर रहे थे। महिला को देखते ही वे पहचान गए थे। इसी जेल में बंद रमजान नस्कर की वह पत्नी थी। उन्हें संदेह हुआ कि शायद वह अपने पति से बात कर रही थी। इसके बाद वे उसके पास जैसे ही पहुंचे, उसने फोन बंद कर बैग में रख लिया। संदेह होने पर वे उसका फोन लेकर जेलर श्यामल तालुकदार के पास पहुंचे। उसके अंतिम कॉल पर फोन लगाकर वे रमजान के वार्ड की ओर बढ़े तो देखा कि वह फोन रमजान के पास ना होकर हतिम नस्कर के पास था। रंगे हाथ मोबाइल के साथ पकड़े गए हातिम से जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि महिला के पति रमजान के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था इसीलिए वह हातिम के ही फोन पर फोन कर बात करती थी। इसी घटना के बाद जेल प्रबंधन सतर्क हो गया  और तलाशी अभियान चलाया गया जिसके बाद इतनी भारी संख्या में मोबाइल मिले हैं। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर किसी कैदी के पास से मोबाइल फोन मिलता है तो उसे 14 नंबर वार्ड में पनिशमेंट सेल में रखा जाता है। फिलहाल हातिम को भी उसी वार्ड में रखा गया है। इसके अलावा आगे से सतर्कता बरतते हुए जेल प्रबंधन ने निगरानी बढ़ा दी है।

फेसबुक के जरिए माहौल बिगाड़ रही है भाजपा






कोलकाता,
फेसबुक पर यदि सियासत या संप्रदाय संबंधित कोई आपत्तिजनक पोस्ट वायरल होता है तो मान लीजिए की भाजपा रुपए  देकर यह काम करा रही है। यह आरोप वीरभूम जिला तृणमूल अध्यक्ष अनुब्रत मंडल ने लगाए। सिउड़ी के इंडोर स्टेडियम में आयोजित सांप्रदायिक सद्भाव सम्मेलन में जिला अध्यक्ष ने वर्तमान में प्रदेश में चल रहे सियासी गर्माहट को लेकर भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा 5-10 लाख रुपए  खर्च कर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट करवा रही है। इससे आपको भी कष्ट होता है और हमें भी तकलीफ होती है। लेकिन यह मालूम होना चाहिए कि यहां राम-रहीम सब एक बराबर हैं। अल्पसंख्यकों के खिलाफ साजिश के तहत भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, जो आगे चलकर हिंसा का रूप धारण कर रही है। कहा कि सिउड़ी में एक धार्मिक जुलूस में लाठीचार्ज की घटना को केंद्र कर आसनसोल से झूठी तस्वीरें फेसबुक पर पोस्ट की गई थीं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर कोई फेसबुक पर आपत्तिजनक कुछ पोस्ट करता है,  इस बारे में प्रशासन को बताएं। प्रशासन की ओर से मामले में देरी की जाए, तब मुझे फोन करें। मेरे ब्लाक के अध्यक्ष से संपर्क करें। लेकिन, कानून अपने हाथ में नहीं लें। इस मौके पर मंत्री आशिस बनर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में विकास की आंधी बह रही है, विरोधियों की ओर से उसे रोकने के लिए षडयंत्र रचा गया है। ऐसे लोगों के पैर के नीचे जमीन नहीं है और मां-माटी-मानुष की सरकार के खिलाफ साजिशें कर रहे हैं। 

आयोग गठन के बाद भी प्राइवेट अस्पतालों में नहीं बदले हैं हालात






कोलकाता,  
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से प्राइवेट अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में इलाज में लापरवाही और मरीजों से ज्यादा फीस वसूले जाने के मामलों पर नजर रखने के लिए गठित स्वास्थ्य नियंत्रक  आयोग को हाल में छह नई शिकायतें मिली हैं। पुरानी पांच और नई छह मिलाकर आयोग ने ग्यारह शिकायतों पर सुनवाई की। इस दौरान एक बार फिर शिकायतकर्ताओं ने अपोलो अस्पताल को लेकर शिकायत की। बेहाला के पर्णश्री इलाके की रहने वाली मिता राय (61) ने आरोप लगाया कि छाती में दर्द की शिकायत के कारण तीन अप्रैलको अस्पताल में भर्ती हुई थी, सात अप्रैल को छुट््टी हुई। इस दौरान करीब  44 हजार रुपए का बिल बनाया गया। उनके पति कालीशंकर राय ने आरोप लगाया है कि बगैर किसी कारण बिल में इतने रुपए जोड़े गए हैं। मुकुंदपुर आमरी अस्पताल के खिलाफ बर्दवान जिले की दीपा दास ने शिकायत करते हुए कहा कि उनके पति श्यामलकुमार दास (53) की इलाज में लापरवाहीके कारण मौत हो गई। गिरने के कारण कमर में चोट लग गई थी, इसलिए 21 जनवरी को अस्पताल में भर्ती करवायागया था। इसके बाद 23 जनवरीको आपरेशन हुआ और 27 जनवरी को उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी दीपा का कहना है कि  अस्पताल की ओर से बताया गया कि हार्ट ब्लाक होने के कारण मौत हुई है। लेकिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं है। इसके साथ ही, जिस  न्यूरो सर्जन ने आपरेशन करना था, उनकी बजाए किसी दूसरे डाक्टर ने आपरेशन किया था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पैकेज से ज्यादा पैसे लिए गए, इलाज में लापरवाही बरती गई, दुर्व्यवहार भी किया गया। हालांकि दोनों अस्पतालों की ओरसे आरोप  का खंडन किया गया है। सीएमआरआइ अस्पताल के खिलाफ दो शिकायतों की सुनवाई हुई। नदिया जिले के श्क्तिनगरके रहने वाले काशीनाथसाहा (59) को आठ फरवरी को सांस लेने में परेशानी होने केकारण अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल में 15 फरवरी को उनकी मौत हो गई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके बेटे बलराम साहा ने कहा कि एक हफ्ते में अस्पताल में चार लाख 35 हजार रुपए का बिल बनाया गया। पैलान के रहने वाले चिरसुंदर बसु ने अपने भाई प्रणव कुमार बसु को मूत्र जनित समस्या के लिए 25 जुलाई 2016 को अस्पताल में भर्ती किया था। लेकिन 30 जुलाई को अस्पताल में उनकी मौत हो  गई। इस दौरान एक लाख 54 हजार रुपए का बिल बनाया गया। चिरसुंदर काकहना है कि मेरे भाई को पहले से सीओपीडी की समस्या थी। बगैर हमारी मंजूरी के उसे आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। इसके कुछ दिन बाद वेंटीलेशन पर रखा गया। उन्होंने अस्पताल पर इलाज में लापरवाहीका आरोप लगाया है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में लापरवाही के आरोप से इंकार करते हुए कहा है कि मरीज को बचाने की हर संभवकोशिश की गई थी। इसके साथ ही आरामबाग और रानाघाट के दो प्राइवेट  अस्पतालों के खिलाफ भी आयोग में सुनवाई हुई। आयोग गठित होने, मुआवजा देने का निर्देश दिए जाने के बाद भी अस्पताल की ओर से मुआवजा नहीं देने और पहले की तरह रवैये के जारी रहने की घटनाओं को देखते हुए लगता है कि अभी भी अस्पतालों के हालात में ज्यादा फेरबदल नहीं हुआ है। 
 

Friday, July 21, 2017

तृणमूल कांग्रेस शुरू करेगी भाजपा भारत छोड़ो आंदोलन




 
कोलकाता,  राज्य में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस नौ अगस्त से गांव-गांव में 'भाजपा भारत छोड़ो' आंदोलन शुरू करेगी। यह आंदोलन 30 अगस्त तक चलेगा। मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को यहां तृणमूल कांग्रेस की ओर से आयोजित सालाना शहीद रैली के दौरान इसका एलान किया। 21 जुलाई, 1993 को पुलिस की गोली से मारे गए 13 युवकों की याद में ममता हर साल इस दिन को शहीद दिवस के तौर पर मनाती रही हैं। ध्यान रहे कि वर्ष 1942 में नौ अगस्त को ही कांग्रेस ने 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' के नारे के साथ आंदोलन शुरू किया था। भाषण में पहली बार ममता के निशाने पर भाजपा रही। इससे पहले अपनी इस रैली में वे वाममोर्चा पर हमले करते रही थीं। उन्होंने वाममोर्चा पर भी निशाना साधा। लेकिन हमले के केंद्र में केंद्र की भाजपा सरकार ही रही।
उन्होंने इस मौके पर केंद्र सरकार और भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के खिलाफ 18 विपक्षी राजनीतिक दलों को गठबंधन का भविष्य में और विस्तार किया जाएगा। केंद्र पर राज्य सरकारों को काम नहीं करने देने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि हम उसके नौकर नहीं हैं। भाजपा सरकार पर तमाम मोर्चे पर फेल होने का आरोप लगाते हुए ममता ने दावा किया कि अगले लोकसभा चुनावों में भगवा पार्टी केंद्र की सत्ता से हट जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध में कड़वाहट आई है। ममता ने सवाल किया कि आखिर नेपाल, भूटान, और बांग्लादेश के साथ वह (केंद्र सरकार) संबंध और बेहतर क्यों नहीं कर सकती ? इन देशों की सीमाएं बंगाल से सटी हैं। उन्होंने कहा कि भारत से भाजपा का भगाना हमारे लिए एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि हड़बड़ी में जीएसटी लागू करने से व्यापारियों के अलावा आम लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे आर्थिक नुकसान भी होगा।
ममता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को वाममोर्चा-मुक्त कर दिया है और अब वह देश को भाजपा-मुक्त करेगी। उन्होेंने बताया कि भाजपा के खिलाफ आंदोलन हर लोकसभा, विधानसभा क्षेत्र, ब्लाक, शहरों और गांवों में शुरू होगा। पार्टी के तमाम नेता, मंत्री, सांसद व विदायक इसमें हिस्सा लेंगे। आंदोलन की शुरूआत और अंत के मौके पर खुद ममता मौजूद रहेंगी। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी अगले लोकसभा चुनावों में भाजपा को केंद्र की सत्ता से बेदखल कर देगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में इस पार्टी को लोकसभा की एक सीट भी नहीं मिलेगी। उन्होंने तमाम विपक्षी दलों से अगले लोस चुनावों में भाजपा से मुकाबले के लिए एकजुट होने और विपक्षी एका को और मजबूत करने की अपील की। ममता ने भाजपा से लड़ने वाले तमाम दलों और संगठनों को तृणमूल कांग्रेस का समर्थन देने का एलान किया।
 उन्होंने भाजपा पर राज्य में सांप्रदायिक हिंसा को उकसाने का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि भाजपा राज्य में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के लिए फेसबुक और दूसरे सोशल साइटों का हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने साइबर अपराध को एक गंभीर अपराध करार दिया।
केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ममता ने उस पर राज्य सरकारों के साथ सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हम केंद्र के नौकर नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के खिलाफ आवाज उठाते ही सीबीआइ और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पीछे लगा दिया जाता है। लेकिन हम इससे डर कर चुप नहीं बैठेंगे। केंद्र की नीतियों और जनविरोधी फैसलों के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस आंदोलन जारी रखेगी।
21 जुलाई, 1993 की पुलिस फायरिंग का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि उक्त घटना की जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित जांच आयोग की रिपोर्ट मिल गई है। उसके आधार पर दो मुख्यमंत्रियों ज्योति बसु और बुद्धदेव भट््चार्य के अलावा बाकी तमाम दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ममता ने एक बार फिर कहा कि शारदा चिटफंड घोटाले और नारदा स्टिंग मामले में तृणमूल कांग्रेस का कोई भी नेता शामिल नहीं है। केंद्र के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से ही राजनीतिक साजिश के तहत इन मामलों में पार्टी के नेताओं को फंसाया जा रहा है।

Wednesday, July 19, 2017

गायब 40 हजार रुपए ब्याज समेत बैंक को लौटाने का निर्देश







कोलकाता,  
एटीएम से रुपए निकालने के दौरान ऐसा तो कभी न कभी हर व्यक्ति के साथ होता है कि एटीएम से रुपए नहीं निकल रहे हैं। इसके बजाए एक पर्ची निकलती है, जिस पर लिखा होता है कि सारी, अनेबल टू प्रोसेस। इसके बाद ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है कि बगैर निकाले उनके खाते से रुपए निकल जाते हैं। कुछ लोगों की ओर से शिकायत करने पर तो कुछ लोगों को वैसे ही रकम डेबिट के बाद क्रेडिट कर दी जाती है। जबकि कुछ लोगों को रकम वापस नहीं मिलती। 
केंद्र के कैबिनेट सेक्रेटिएट के सहायक आयुक्त दीपक चक्रवर्ती के साथ भी वैसी ही एक घटना घटी। दार्जीलिंग के एक एटीएम से 10 हजार रुपए निकालने के लिए गए थे। दो बार कोशिश की , लेकिन रुपए नहीं निकले। हालांकि कुछ ही देर बाद एटीएम से मिनी स्टेटमैंट निकाल कर उन्होंने देखा कि उस समय दोनों बार उनके बैंक खाते से 20-20 हजार रुपए करके 40 हजार रुपए निकाले गए हैं। इस बारे में कई बार बैंक से रकम वापस करनेके लिए गुहार की गई, लेकिन बैंक वालों ने उनका आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद क्रेता सुरक्षा अदालत में उन्होंने मामला दर्ज किया। जिला क्रेता सुरक्षा अदालत के बाद राज्य अदालत की ओर से भी बैंक की दलील खारिज कर दी गई। क्रेता सुरक्षा अदालत के प्रिसाइडिंग सदस्य श्यामल गुप्त की बेंच ने नौ फीसद ब्याज की दर से 40 हजार रुपए लौटाने का निर्देश देते हुए अदालती मामले में खर्च के लिए 10 हजार रुपए और देने  के लिए कहा है। 
सूत्रों ने बताया कि बैंक की ओर से बार-बार ग्राहक पर जिम्मेवारी थोपने की कोशिश की गई और कहा ग या कि ग्राहक ने सही तरीके से ट्रांजेक्शन प्रक्रिया रद्द नहीं की थी, जिससे एटीएम में घुस कर दूसरे किसी ने वह रकम ले ली। लेकिन अदालत की ओरसे पूछा गया कि ग्राहक के बाद किसी दूसरे ने रुपए निकाले हैं, इस बारे में कोई सबूत है तो बताएं। बैंक की ओर से इस बारे में किसी तरह की सीसीटीवी फुटेज नहीं पेश की जा सकी। अदालत ने बैंक की अर्जी खारिज करके हुए कहा कि ग्राहक के पैसे बैंक के पास जमा रहते हैं, ग्राहक के बैंक खाते से रुपए गायब होने की जिम्मेवारी को बैंक नकार नहीं सकता। 
मालूम हो कि यह घटना करीब पांच साल पहले की है। दार्जीलिंग के हाकिमपाड़ा पाकुड़तला के एक एटीएम से दीपक रुपए निकालनेके लिए गए थे। एक ही एटीएम से जब दो बार रुपए नहीं निकले, तब दूसरे एटीएम से 10 हजार रुपए निकाले। लेकिन मिनी पर्ची से पता चला है कि पहले भी दो बार 20-20 हजार रुपए निकाले गए हैं। 
अदालत की ओर से पूछा गया कि एक तय समय तक एटीएम में ट्रांजेक्शन बहाल रहता है। ग्राहक की ओर से दो बार कोशिश कि ए जाने पर नाकाम रहने पर दूसरे व्यक्ति के घुसने तक वह ट्रांजेक्शन प्रक्रिया तब तक कैसे चालू थी? पहली बार रुपए निकालने की कोशिश के बाद भी ग्राहक बैंक में ही थे। तब उनके रहते दूसरे व्यक्ति ने कैसे पैसे निकाल लिए? इतना ही नहीं, 10 हजार रुपए निकालने के बदले 20 हजार रुपए कैसे निकल गए? 
साइबर कानून के विशेषज्ञ राजर्षि राय चौधरी का कहना है कि ग्राहक की ओर से 10 हजार रुपए निकालने के लिए एंट्री दाखिल करने पर 20 हजार रुपए निकलना आश्चर्यजनक है। हालांकि उनकी ट्रांजेक्शन प्रक्रिया को क्लोन करके दूरसे पैसे निकाले जा सकते हैं। यह पुलिस जांच का मामला है। बगैर कार्ड के दो बार 20-20 हजार रुपए कैसे निकाले गए, इस बारे में भी बैंक की ओर से अदालत को संतुष्ट नहीं किया जा सका। इसलिए अदालत ने बैंक को ब्याज और अदालती खर्च समेत रकम लौटाने का निर्देश दिया है। 
हालांकि एटीएम से रुपए निकालने के लिए ग्राहकों को सतर्क रहना चाहिए। एटीएम से रुपए निकालने या रुपए नहीं निकलने पर ग्राहक को कैंसेल बटन दबाना चाहिए। एटीएम के पास से हटनेसे पहले यह अच्छी तरह से देख लें कि मशीन पहले की हालत में है या नहीं। यह भी ध्यान रखें कि एटीएम में कोई अपरिचित व्यक्ति मौजूद नहीं हो। अगर रुपए नहीं निकले, तब  पर्ची संभाल रखें।