Monday, April 26, 2021
Sunday, February 28, 2021
Monday, February 22, 2021
Saturday, February 20, 2021
Thursday, February 18, 2021
Sunday, June 30, 2019
आठ साल में ममता ने 150 मंदिरों के लिए खर्च किए 350 करोड़
ममता बनर्जी सरकार पर लंबे समय से मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया जाता रहा है। इस आरोप में मुख्य तौर से यह कहा जाता है कि हिंदुओं के मुकाबले वे मुसलमानों के धार्मिक स्थान की देखभाल, उनके धार्मिक कार्यक्रमों में ज्यादा शामिल होती हैं। विरोधी दलों की ओर से बार-बार यह आरोप लगाया जाता है कि मुस्लिम वोट बैंक पक्का करने के लिए वे ऐसा कर रही हैं। खास तौर से बीते कुछ सालों से इस तरह के आरोप ज्यादा जोरशोर से लगाए जा रहे हैं। लेकिन आंकड़ों की अगर बात करें तब पता यह चलता है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के शासन के दौरान पिछले आठसालों में राज्य सरकार ने हिंदू मंदिरों की मरम्मत और तीर्थस्थानों के विकास के लिए करीब 350 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को शुरू किया है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से छह करोड़ रुपए की रकम प्रदान की गई है। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री के सूचना व संस्कृति विभाग ने खुद राज्य के विभिन्न विभागों से इस बारे में आंकड़े इकट्ठा किए हैं। राज्य विधानसभा के मौजूदा अधिवेशन में तृणमूल कांग्रेस के विधायक मानस मजूमदार के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री के विभाग ने लिखित तौर पर यह जानकारी दी है। हालांकि समय की कमी के कारण इस बारे में विधानसभा में चर्चा नहीं हो सकी।
राज्य के सूचना व संस्कृति विभाग की ओर से विधानसभा में जानकारी दी गई है कि बंगाल के प्राचीन और एतिहासिक मंदिर व संलग्न तीर्थस्थानों की देखभाल व सामग्रिक ढांचागत विकास के लिए बीते कुछ सालों में खुद के बजट से कम से कम 157 परियोजनाएं अपने हाथों में ली हैं। इन परियोजनाओं पर कुल मिलाकर खर्च 347 करोड़ 48 लाख रुपए होगा। इसमें सात परियोजनाओं के लिए बीते पांचसाल में केंद्र सरकार से 5 करोड़ 96 लाख रुपए मिले हैं। जलपाईगुड़ी के जलपेश व जटिलेश्वर मंदिर के विकास के लिए तेरहवें वित्त आयोग के अनुदान से यह रकम मिली है। इसके अलावा पूर्व मेदिनीपुर के डीही बाहिरी के जगन्नाथ मंदिर,पूर्व बर्दमान के मानकड़ के कई मंदिरों, बीरभूम के नानूर के शिव मंदिर, बांकुड़ा के कोतुलपुर के दामोदर मंदिर, हुगली जिले के गुड़प के नंददुलाल मंदिर और उस जिले के बाक्सा के 12 शिव मंदिरों के विकास के लिए केंद्र की रकम को खर्च किया गया है या खर्च के लिए शामिल किया गया है।
सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि सात मंदिरों को छोड़ कर बाकी सभी 150 मंदिरों के विकास में सारा खर्च राज्य सरकार की ओर से किया जा रहा है। विभिन्न सरकारी महकमों, स्थानीय नगरपालिका और पंचायतों, जिला परिषद व विकास परिषदों के माध्यम से यह रकम खर्च की गई है या की जा रही है। कोलकाता के कालीघाट और दक्षिणेश्वर, हुगली के तारकेश्वर, गंगासागर के कपिलमुनि मंदिर, बीरभूम के तारापीठ और कंकालीतला और जलपाईगुड़ी के देवी चौधरानी जैसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिर और तीर्थ स्थान इस सूची में शामिल हैं।
Friday, December 14, 2018
पांच राज्यों में पराजय-भाजपा नेताओं में गर्मा -गर्म बयान देकर मीडिया में सुर्खियां बटोरनी की लगी होड़
पांच राज्यों में पराजय-भाजपा नेताओं में गर्मा -गर्म बयान देकर मीडिया में सुर्खियां बटोरनी की लगी होड़
रंजीत लुधियानवी
पांच राज्यों में चुनाव में पराजय के बाद भी बंगाल के भाजपा नेता एक के बाद एक गर्मा-गर्मा बयान देकर मीडिया में सुर्खियां बटोरने में लगे हैं। कभी दिलीप घोष, लाकेट चटर्जी तो कभी केशरी की ओर से बयानबाजी जारी है। कोई पुलिस वालों की चमड़ी उधेड़ रहा है तो कोई सत्ता में आने के बाद एनकाउंटर करने की चेतावनी दे रहा है। हमेशा विवादास्पद बयान देकर चर्चा में रहने वाले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने एक बार फिर विवादास्पद बयान देते हुए पुलिस वालों की वर्दी खुलवाकर पीठ का चमड़ा उधेड़ने की चेतावनी दी है। मेदिनीपुर जिले के केशियाड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के बोर्ड गठन करने के दौरान गाड़ी उल्टा कर पीटा था। हमे भगाने वाले पुलिस वालों की वर्दी खुलवाकर पीठ का चमड़ा उधेड़ देंगे। तृणमूल नेता अगर समझते हैं कि हमें भगाएंगे, तब सूद और असल में सारा वसूल कर लेंगे।
मालूम हो कि पांच राज्यों में भाजपा ने विधानसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन किया है। लोगों ने वोट देकर तीन राज्यों में भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया है। ऐसे में लोगों में यह उत्सुकता थी कि देखें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जनसभा में नया क्या कहते हैं। लेकिन उन्होंने किसी तरह का राजनीतिक बयान देने के बजाए पहले की तरह भड़काने वाले बयान देकर ही लोगों की तालियां बटोरीं। अपने शब्दों में शिष्टाचार की सीमा लांघते हुए भाजपा नेता ने सत्तारूढ़ दल पर हल्ला बोलते हुए उसे (छागलेर तृतीय संतान) बकरी की तीसरी संतान बताया। मालूम हो कि पंचायत चुनाव में यहां भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को पराजित करके पंचायत समिति पर कब्जा किया है। हाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इलाके का दौरा किया था और यहां की देखरेख की जिम्मेवारी परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी को सौंपी है।
भाजपा नेता ने तृणमूल को ललकारते हुए कहा कि कांग्रेस में तोड़फोड़ की है, माकपा में तोड़फोड़ की है लेकिन अगर भाजपा में ऐसा करने की कोशिश की तो हम सरकार ही गिरा देंगे। कांग्रेस के बारे में घोष ने कहा कि बंगाल में कांग्रेस आईसीयू में चली गई है, इसलिए सत्ता दखल करने के लिए खड़ा होने की क्षमता कांग्रेस में नहीं है।
भाजपा नेताओं में गर्मागर्म बयानबाजी करने में लगता है कि जैसे होड़ लगी हुई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से लेकर दूसरे नेता इस मामले में एक दूसरे को पछाड़ते हुए दिख रहे हैं। भाजपा की राजकुमारी केशरी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि बंगाल में सत्ता में आने यहां योगी राज चालू हो जाएगा। बताया जाता है कि दो दिन पहले दुर्गापुर की एक जनसभा में उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल में सत्ता में आने पर यहां राज की तरह एनकाउंटर किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली से लेकर राज्य तक सभी स्तर के नेता सूची बनाने के लिए कह रहे हैं। भाजपा बंगाल में आ रही है। किसका-किसका एनकाउंटर करना है, यह हम देखेंगे।
मालूम हो कि केशरी ने पहली बार इस तरह का विवादास्पद बयान नहीं दिया है। पहले भी वे इस तरह के बयान देकर चर्चा में रह चुकी हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ उन्होंने इस तरह का एक बयान दिया था। केशरी ने कहा था कि सत्ता में आने के बाद दीदी (ममता ) को कुत्ते की तरह दौड़ा-दौड़ा कर मारूंगी। मुख्यमंत्री की ओर से राज्य के लिए आर्थिक मदद हासिल करने के लिए केंद्र में जाने के बारे में टिप्पणी करते हुए इस साल ममता के खिलाफ उन्होंने कहा था कि दीदी मोदी बाबा के पास भीख मांगने के लिए दिल्ली जाती है।
मालूम हो कि केशरी ही नहीं भाजपा के एक के बाद दूसरे नेता इस तरह के विवादास्पद बयान देकर मीडिया की सूर्खियों में छाए रहने के माहिर हो गए हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अलावा महिला मोर्चा की नेत्री लाकेट चटर्जी भी इस मामले में किसी से पीछे नहीं है। रथ यात्रा के खिलाफ बोलने वालों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा था कि रथ यात्राके सामने आने वाले कूचले जाएंगे। हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी इसके जवाब में करारे जवाब दिए जा रहे हैं। हालांकि राज्य के साहित्य और समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि बंगाल की सभ्यता और संस्कृति ऐसी बयानबाजी दुनिया के सामने खराब होती है। नेताओं को अपनी गरिमा और राज्य के गौरव को सोच कर ही कुछ बोलना चाहिए।
रंजीत लुधियानवी
पांच राज्यों में चुनाव में पराजय के बाद भी बंगाल के भाजपा नेता एक के बाद एक गर्मा-गर्मा बयान देकर मीडिया में सुर्खियां बटोरने में लगे हैं। कभी दिलीप घोष, लाकेट चटर्जी तो कभी केशरी की ओर से बयानबाजी जारी है। कोई पुलिस वालों की चमड़ी उधेड़ रहा है तो कोई सत्ता में आने के बाद एनकाउंटर करने की चेतावनी दे रहा है। हमेशा विवादास्पद बयान देकर चर्चा में रहने वाले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने एक बार फिर विवादास्पद बयान देते हुए पुलिस वालों की वर्दी खुलवाकर पीठ का चमड़ा उधेड़ने की चेतावनी दी है। मेदिनीपुर जिले के केशियाड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के बोर्ड गठन करने के दौरान गाड़ी उल्टा कर पीटा था। हमे भगाने वाले पुलिस वालों की वर्दी खुलवाकर पीठ का चमड़ा उधेड़ देंगे। तृणमूल नेता अगर समझते हैं कि हमें भगाएंगे, तब सूद और असल में सारा वसूल कर लेंगे।
मालूम हो कि पांच राज्यों में भाजपा ने विधानसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन किया है। लोगों ने वोट देकर तीन राज्यों में भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया है। ऐसे में लोगों में यह उत्सुकता थी कि देखें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जनसभा में नया क्या कहते हैं। लेकिन उन्होंने किसी तरह का राजनीतिक बयान देने के बजाए पहले की तरह भड़काने वाले बयान देकर ही लोगों की तालियां बटोरीं। अपने शब्दों में शिष्टाचार की सीमा लांघते हुए भाजपा नेता ने सत्तारूढ़ दल पर हल्ला बोलते हुए उसे (छागलेर तृतीय संतान) बकरी की तीसरी संतान बताया। मालूम हो कि पंचायत चुनाव में यहां भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को पराजित करके पंचायत समिति पर कब्जा किया है। हाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इलाके का दौरा किया था और यहां की देखरेख की जिम्मेवारी परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी को सौंपी है।
भाजपा नेता ने तृणमूल को ललकारते हुए कहा कि कांग्रेस में तोड़फोड़ की है, माकपा में तोड़फोड़ की है लेकिन अगर भाजपा में ऐसा करने की कोशिश की तो हम सरकार ही गिरा देंगे। कांग्रेस के बारे में घोष ने कहा कि बंगाल में कांग्रेस आईसीयू में चली गई है, इसलिए सत्ता दखल करने के लिए खड़ा होने की क्षमता कांग्रेस में नहीं है।
भाजपा नेताओं में गर्मागर्म बयानबाजी करने में लगता है कि जैसे होड़ लगी हुई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से लेकर दूसरे नेता इस मामले में एक दूसरे को पछाड़ते हुए दिख रहे हैं। भाजपा की राजकुमारी केशरी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि बंगाल में सत्ता में आने यहां योगी राज चालू हो जाएगा। बताया जाता है कि दो दिन पहले दुर्गापुर की एक जनसभा में उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल में सत्ता में आने पर यहां राज की तरह एनकाउंटर किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली से लेकर राज्य तक सभी स्तर के नेता सूची बनाने के लिए कह रहे हैं। भाजपा बंगाल में आ रही है। किसका-किसका एनकाउंटर करना है, यह हम देखेंगे।
मालूम हो कि केशरी ने पहली बार इस तरह का विवादास्पद बयान नहीं दिया है। पहले भी वे इस तरह के बयान देकर चर्चा में रह चुकी हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ उन्होंने इस तरह का एक बयान दिया था। केशरी ने कहा था कि सत्ता में आने के बाद दीदी (ममता ) को कुत्ते की तरह दौड़ा-दौड़ा कर मारूंगी। मुख्यमंत्री की ओर से राज्य के लिए आर्थिक मदद हासिल करने के लिए केंद्र में जाने के बारे में टिप्पणी करते हुए इस साल ममता के खिलाफ उन्होंने कहा था कि दीदी मोदी बाबा के पास भीख मांगने के लिए दिल्ली जाती है।
मालूम हो कि केशरी ही नहीं भाजपा के एक के बाद दूसरे नेता इस तरह के विवादास्पद बयान देकर मीडिया की सूर्खियों में छाए रहने के माहिर हो गए हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अलावा महिला मोर्चा की नेत्री लाकेट चटर्जी भी इस मामले में किसी से पीछे नहीं है। रथ यात्रा के खिलाफ बोलने वालों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा था कि रथ यात्राके सामने आने वाले कूचले जाएंगे। हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी इसके जवाब में करारे जवाब दिए जा रहे हैं। हालांकि राज्य के साहित्य और समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि बंगाल की सभ्यता और संस्कृति ऐसी बयानबाजी दुनिया के सामने खराब होती है। नेताओं को अपनी गरिमा और राज्य के गौरव को सोच कर ही कुछ बोलना चाहिए।
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